पुलिस एक कड़वा सच जरूरत तो सबको है लेकिन पसंद कोई नहीं करता
बैंक कर्मी, स्वास्थय कर्मी, पोस्ट ऑफिस वाले, दूध वाले, ब्रेड वाले, सब्जी वाले, आदि को जाने की छूट रहेगी लेकिन अगर कोई पुलिस वाला डयूटी करके अपने ठिकाने पर जाता हुआ पकड़ा गया तो, उसके खिलाफ जरूर कार्यवाही होगी,,, ऐसा क्यों
अभी आगरा जिले की हालात को देखकर सभी जिला प्रशासन को इस पर विचार करना चाहिए कि एक फालवर के संक्रमित होने से कितने पुलिसकर्मीयो की जान को खतरा हो सकता है, कितनो ने उसके हाथ की रोटी खाई होंगी,
होटल बन्द, चाय की दूकान बन्द, धोबी नहीं है,प्रेस वाला नहीं
है, अधिकारीगण के कागजी निर्देश आते हैं की करोना संक्रमण से बचाव के लिए गर्म पानी पीते रहें भूखे पेट ना रहे ड्यूटी के बाद अपने कपड़े तुरंत गर्म पानी में डाल दें, दिन में बार-बार साबुन से हाथ धोते रहें और हाथों को सैनिटाइज करते रहें, आखिर कैसे संभव होगा यह सब जो कर्मचारी 12 से 18 घंटे ड्यूटी करके और बैरिक में पड़ेगा तो कहां सोशल डिस्टेंसिंग रहेगी और मैस में शाम को 6:00 बजे तक खाना खत्म हो जाता है 8:00 बजे डयूटी छोड़कर आएगा कहां खाना खाएग, क्या इस समस्या पर किसी अधिकारी ने विचार किया है कर्मचारी अपनी ड्यूटी खत्म करके अपने कमरे पर चला जाएगा तो कम से कम यह है कि वह गर्म पानी से नहा भी सकता है कपड़े भी धुल सकता है और घर में सुरक्षित रहने वाले बच्चों के हाथ का खाना भी खा सकता है तो संक्रमण से बचाव के लिए उचित तो यही है कि अपने ठिकाने पर जाकर आदमी खाना खाए कपड़े चेंज कर ले,
बैरिक में सामूहिक रूप से रहकर और मैस में ग्रुप से खाना खाने से तो संक्रमण का खतरा बहुत ज्यादा बढ़ता है इसलिए अधिकारीगण से जिला प्रशासन से हमारा अनुरोध है कि ड्यूटी वाले कर्मचारियों को आने-जाने पर पाबंदी ना लगाई जाए ताकि वह अंतर्मन से सुरक्षित रह सके
एडिटर अन्सार खान पत्रकार
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